Tuesday, 17 March 2015

अब आसानी से दर्ज नहीं हो सकेंगे सीएम और मंत्रियों पर मुकदमे

मध्यप्रदेश राज्य मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश तंग करने वाली मुकदमेबाजी निवारण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ आसानी से मुकदमे दर्ज नहीं हो सकेंगे।

केबिनेट की राज्य मंत्रालय में हुई बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले हुए जिसमें लोकायुक्त के 2008 से लेकर 2013 तक के प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखे जाने की स्वीकृति दे दी गई। वहीं गेंहू की खरीदी पर लगने वाले वैट की सीमा को बढ़ाकर 300 करोड़ रुपए कर दिया गया है जो अभी तक 10 करोड़ रुपए थी।

केबिनेट ने विधानसभा परिसर में विधायकों के लिए नए आवासों के प्रस्ताव पर भी अपनी स्वीकृति दे दी है। अशोक नगर जिले में पिपरई को नई तहसील बनाया गया है तो ग्वालियर के थाटीपुर में रेडेंसिफिकेशन योजना को मंत्रिपरिषद ने हरी झंडी दे दी है। डॉक्टरों के चार स्तरीय वेतनमान को मंजूरी देते हुए पीजी डॉक्टरों के भी जल्दी प्रमोशन के रास्ते खोलने पर सहमति दे दी गई है।

No comments:

Post a Comment