महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मंबई की सबसे पुरानी और मशहूर चौपाटी गिरगांव का नाम बदलने का फैसला किया है। गिरगांव चौपाटी का नाम बदलकर स्वराज भूमि रखा जाएगा। दरअसल इस चौपाटी का नाम बदलने की मांग लोकमान्य तिलक गौरव समिति ने की थी।
इस समिति की मांग थी कि इस चौपाटी पर लोकमान्य तिलक का अंतिम संस्कार किया गया था और जिस जगह पर पार्क बना है उसे स्वराज भूमि के नाम से जाना जाए। इस मामले में सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इस प्रस्ताव को मान लिया है।
हालांकि बुधवार तक ये शंका थी कि सिर्फ पार्क का नाम बदला जाएगा या फिर पूरी चौपाटी का नाम बदलकर स्वराज भूमि रखा जाएगा, लेकिन फड़नवीस सरकार से जुड़ें सूत्रों से ये पक्का हो गया है कि इस पूरे इलाके का नाम बदला जाएगा। इससे पहले गौरव समिति ने कांग्रेस-राकांपा सरकार से भी यही मांग की थी लेकिन नतीजा नहीं निकला। उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस जो राज्य के बीजेपी अध्यक्ष भी थे उन्होंने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
इस समिति की मांग थी कि इस चौपाटी पर लोकमान्य तिलक का अंतिम संस्कार किया गया था और जिस जगह पर पार्क बना है उसे स्वराज भूमि के नाम से जाना जाए। इस मामले में सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इस प्रस्ताव को मान लिया है।
हालांकि बुधवार तक ये शंका थी कि सिर्फ पार्क का नाम बदला जाएगा या फिर पूरी चौपाटी का नाम बदलकर स्वराज भूमि रखा जाएगा, लेकिन फड़नवीस सरकार से जुड़ें सूत्रों से ये पक्का हो गया है कि इस पूरे इलाके का नाम बदला जाएगा। इससे पहले गौरव समिति ने कांग्रेस-राकांपा सरकार से भी यही मांग की थी लेकिन नतीजा नहीं निकला। उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस जो राज्य के बीजेपी अध्यक्ष भी थे उन्होंने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
No comments:
Post a Comment