दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने पुराना सचिवालय स्थित नेता प्रतिपक्ष के कमरे में पहली बार ताला लटका दिया है। आम आदमी पार्टी की सरकार के रवैये को लेकर शहर के सियासी गलियारों में सवाल उठाए जा रहे हैं। बता दें कि पुराना सचिवालय में बने कमरा नंबर 29 नेता प्रतिपक्ष के लिए होता है।
सियासी नेताओं का कहना है कि इससे यह तय है कि आम आदमी पार्टी (आप) भाजपा को नेता विपक्ष का पद नहीं देगी। आप के इस कदम से भाजपा के साथ ही सियासत के अन्य जानकार भी नाखुश हैं। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए विपक्ष की भूमिका को पूरा सम्मान मिलना जरूरी है। इसके लिए दिल्ली विधानसभा के इतिहास से सीख लेनी चाहिए।
सियासी नेताओं का कहना है कि इससे यह तय है कि आम आदमी पार्टी (आप) भाजपा को नेता विपक्ष का पद नहीं देगी। आप के इस कदम से भाजपा के साथ ही सियासत के अन्य जानकार भी नाखुश हैं। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए विपक्ष की भूमिका को पूरा सम्मान मिलना जरूरी है। इसके लिए दिल्ली विधानसभा के इतिहास से सीख लेनी चाहिए।
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