दिल्ली की 21 वर्षीय श्रेया सिंघल को देश हमेशा याद रखेगा। इस युवती की मेहनत का ही फल है कि सुप्रीम कोर्ट ने इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66A को निरस्त कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस धारा को असंवैधानिक बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया।
कुछ महीनों पहले यूनाइटेड किंगडम से पढ़ाई पूरी करके स्वदेश लौटी श्रेया ने इस धारा के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी।
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए कहा था, मुझे आश्चर्य है कि ऐसे मुद्दे पर अब किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई।
श्रेया ने दिल्ली के वसंत वैली स्कूल से पढ़ाई करने के बाद ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनीवर्सिटी से एस्ट्रोफिजिक्स में डिग्री ली है। बकौल श्रेया, मुंबई की दो लड़कियों और कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुझे लगा कि इस कानून का बेजा फायदा उठाया जा रहा है।
कुछ महीनों पहले यूनाइटेड किंगडम से पढ़ाई पूरी करके स्वदेश लौटी श्रेया ने इस धारा के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी।
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए कहा था, मुझे आश्चर्य है कि ऐसे मुद्दे पर अब किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई।
श्रेया ने दिल्ली के वसंत वैली स्कूल से पढ़ाई करने के बाद ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनीवर्सिटी से एस्ट्रोफिजिक्स में डिग्री ली है। बकौल श्रेया, मुंबई की दो लड़कियों और कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुझे लगा कि इस कानून का बेजा फायदा उठाया जा रहा है।
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