Tuesday, 24 March 2015

SC का बड़ा फैसला, 'लिखने' से रोकने वाली धारा 66A खत्‍म

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कमेंट करने के मामले में लगाई जाने वाली आईटी एक्ट की धारा 66-ए को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्‍त कर दिया है। यानी फेसबुक, टि्वटर सहित सोशल मीडिया पर किए गए किसी भी कमेंट या पोस्‍ट के लिए पुलिस एकदम से गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी।

दरअसल, सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े इस विवादास्‍पद कानून के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद इस कानून के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। हालांकि, इसमें अभी भी इस बात का ध्‍यान रखना होगा कि समाज में वैमन्‍य फैलाने वाले, मित्र देशों के खिलाफ टिप्‍पणी करने, धर्म या संप्रदाय पर कोई आपत्‍ितजनक टिप्‍पणी करने पर केस किया जा सकेगा।

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