वन विहार के इकलौते किंग कोबरा सांप की हालत स्थिर है। वह अब भी सुस्त है। उसे सांप बाड़े में रखा गया है। मंगलवार को उसे अंडे का 100 मिग्रा सफेद तत्व फीडिंग ट्यूब से दिया गया है। इतना ही खाना अगले हफ्ते दिया जाएगा।
पार्क के इकलौते किंग कोबरा को बचाने की कवायद चल रही है। सांप के विष दंत टूट चुके हैं। इस कारण वह खाना नहीं खा पा रहा है। इससे सांप काफी कमजोर हो गया है। पिछले 15 दिनों में कमजोरी बढ़ने के बाद पार्क के डॉ. अतुल गुप्ता ने सांप पकड़ने वाले मोहम्मद सलीम के सहयोग से मंगलवार को उसे फीडिंग ट्यूब के माध्यम से अंडे का प्रोटीनयुक्त सफेद तत्व दिया है। पार्क के डॉ. गुप्ता ने बताया कि सांप को हर हफ्ते ऐसे ही खाना दिया जाएगा।
18-19 साल का यह सांप 22 फरवरी 2010 को राजधानी में सपेरे के चंगुल से मुक्त कराया गया था। यह सांप तीन माह में एक बार दूसरे सांपों को खाकर पेट भरता है। वह शिकार करके ही सांप को खाता है, लेकिन दोनों विष दांत टूटने के कारण किंग कोबरा अब शिकार नहीं कर सकता है। सांप के इलाज में चेन्नई के सर्प विशेषज्ञ वेटेकर और वेजूराज का परामर्श भी लिया जा रहा है।
पार्क के इकलौते किंग कोबरा को बचाने की कवायद चल रही है। सांप के विष दंत टूट चुके हैं। इस कारण वह खाना नहीं खा पा रहा है। इससे सांप काफी कमजोर हो गया है। पिछले 15 दिनों में कमजोरी बढ़ने के बाद पार्क के डॉ. अतुल गुप्ता ने सांप पकड़ने वाले मोहम्मद सलीम के सहयोग से मंगलवार को उसे फीडिंग ट्यूब के माध्यम से अंडे का प्रोटीनयुक्त सफेद तत्व दिया है। पार्क के डॉ. गुप्ता ने बताया कि सांप को हर हफ्ते ऐसे ही खाना दिया जाएगा।
18-19 साल का यह सांप 22 फरवरी 2010 को राजधानी में सपेरे के चंगुल से मुक्त कराया गया था। यह सांप तीन माह में एक बार दूसरे सांपों को खाकर पेट भरता है। वह शिकार करके ही सांप को खाता है, लेकिन दोनों विष दांत टूटने के कारण किंग कोबरा अब शिकार नहीं कर सकता है। सांप के इलाज में चेन्नई के सर्प विशेषज्ञ वेटेकर और वेजूराज का परामर्श भी लिया जा रहा है।
Source: Madhya Pradesh News and Chhattisgarh News
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