कोल ब्लॉक के दूसरे दौर की नीलामी में बोली लगाने वाली कंपनियों की तकनीकि जांच के दौरान 46 कंपनियां बोली की दौड़ से बाहर हो गईं। जिसमें जिले की दो प्रमुख कंपनिया निको जायसवाल व मोनेट इस्पात शामिल हैं। गौरतलब है कि जिले के गारे-पेलमा 4/8 को प्राप्त करने के लिए 13 कंपनियों सहित मोनेट व पूर्ववती कंपनी जायसवाल निको भी दौड़ में शामिल थी लेकिन तकनीकि जांच के दौरान क्वालीफाई बीडर की सूची से 13 कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
दूसरे दौर की नीलामी 4 मार्च से शुरु होने वाली है। ऐसे में मोनेट इस्पात एवं जायसवाल निको को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में मोनेट और जायवाल निको की मंशा गारे-पेलमा 4/8 प्राप्त करने की धरी की धरी रह गई। पूर्व में यह कोल ब्लॉक जायसवाल निको को आबंटित हुआ था लेकिन यह कोल ब्लॉक आरंभ नहीं हो सका था। कोल ब्लॉक के भण्डारण को देखते हुए यह कोल ब्लॉक बेहद अहम माना जा रहा है।
दूसरे दौर की नीलामी 4 मार्च से शुरु होने वाली है। ऐसे में मोनेट इस्पात एवं जायसवाल निको को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में मोनेट और जायवाल निको की मंशा गारे-पेलमा 4/8 प्राप्त करने की धरी की धरी रह गई। पूर्व में यह कोल ब्लॉक जायसवाल निको को आबंटित हुआ था लेकिन यह कोल ब्लॉक आरंभ नहीं हो सका था। कोल ब्लॉक के भण्डारण को देखते हुए यह कोल ब्लॉक बेहद अहम माना जा रहा है।
No comments:
Post a Comment