दिल्ली के नाम के साथ भले ही रेप कैपिटल होने का दर्जा लग गया हो, मगर उच्च शिक्षा के लिए विदेश से भारत पढ़ने आने वाली छात्राओं के लिए यह आज भी पसंदीदा जगह है। इसका सबूत यह है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने आने वाली विदेशी छात्राओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
डीयू की फॉरेन स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफएसआरो) के द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 952 विदेशी छात्रों ने वर्ष 2011-12 के सत्र में विभिन्न कोर्स में दाखिला लिया। वर्ष 2012-13 में यह संख्या बढ़कर 1007 हो गई और वर्ष 2014-15 में यह संख्या 1,184 हो गई। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में यहां पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या 492 से बढ़कर 546 हो गई है। जबकि वर्ष 2011-12 में यह संख्या 434 ही थी।
एफएसआरओ की प्रमुख अमृत कौर बसरा ने बताया कि डीयू में अधिकतर छात्र दक्षिण एशियाई देशों और दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों से आ रहे हैं। वहीं कुछ छात्र मध्य पूर्वी यूरोपीय देशों और अफ्रीकी देशों से आ रहे हैं।
डीयू की फॉरेन स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफएसआरो) के द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 952 विदेशी छात्रों ने वर्ष 2011-12 के सत्र में विभिन्न कोर्स में दाखिला लिया। वर्ष 2012-13 में यह संख्या बढ़कर 1007 हो गई और वर्ष 2014-15 में यह संख्या 1,184 हो गई। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में यहां पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या 492 से बढ़कर 546 हो गई है। जबकि वर्ष 2011-12 में यह संख्या 434 ही थी।
एफएसआरओ की प्रमुख अमृत कौर बसरा ने बताया कि डीयू में अधिकतर छात्र दक्षिण एशियाई देशों और दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों से आ रहे हैं। वहीं कुछ छात्र मध्य पूर्वी यूरोपीय देशों और अफ्रीकी देशों से आ रहे हैं।
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