बिहार के विधायकों के समाने एक अजीबो-गरीब समस्या पैदा हो गई है। उन्हें पटना में किराये पर घर नहीं मिल पा रहा है क्योंकि मकान मालिक नेताओं के किरायेदार बनाने में इच्छुक नहीं दिख रहे हैं। वहीं, उन्हें आवंटित किए गए पुराने सरकारी घर को नहीं खाली करने के लिए उन्हें सरकार को सामान्य किराये से 15 गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है।
दरअसल, नितीश कुमार सरकार इन पुराने घरों को तोड़कर विधायकों के लिए नए डूप्लेक्स बंगले बनाना चाहती है। सासाराम से भाजपा के विधायक जवाहर प्रसाद किराये का एक मकान ढूंढ़ रहे हैं, ताकि वे वहां शिफ्ट हो सकें।
मगर, उन्हें अब तक ऐसा कोई मकान मालिक नहीं मिला है, जो उन्हें अपना घर किराये पर देना चाहता हो। प्रसाद ने बताया कि मैंने किराये पर एक अच्छे घर के लिए कई मकान मालिकों से संपर्क किया। मगर, जैसे ही मैंने उन्हें अपनी पहचान बताई, उन्होंने बहानेबाजी शुरू कर दी।
दरअसल, नितीश कुमार सरकार इन पुराने घरों को तोड़कर विधायकों के लिए नए डूप्लेक्स बंगले बनाना चाहती है। सासाराम से भाजपा के विधायक जवाहर प्रसाद किराये का एक मकान ढूंढ़ रहे हैं, ताकि वे वहां शिफ्ट हो सकें।
मगर, उन्हें अब तक ऐसा कोई मकान मालिक नहीं मिला है, जो उन्हें अपना घर किराये पर देना चाहता हो। प्रसाद ने बताया कि मैंने किराये पर एक अच्छे घर के लिए कई मकान मालिकों से संपर्क किया। मगर, जैसे ही मैंने उन्हें अपनी पहचान बताई, उन्होंने बहानेबाजी शुरू कर दी।
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