आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वैट राजस्व लक्ष्य को लेकर यहां के व्यापारी डर गए हैं। ये वही व्यापारी हैं जो अब तक उन्हें अपने सिर-आंखों पर बैठाये थे। गौरतलब है कि केजरीवाल का लक्ष्य वैट राजस्व को 50 फीसद बढ़ाने का है। एक आर्थिक समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए केजरीवाल सरकार व्यापारियों को भरोसा दिला रही है कि उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा।
कई व्यापार संगठनों ने इस आशंका को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जताई है, हालांकि उनका कहना है कि औपचारिक तौर पर अपना विरोध दर्ज कराने से पहले वे दिल्ली सरकार के बजट का इंतजार करेंगे। वहीं, कुछ व्यापारी इसलिए भी आगे नहीं आना चाहते कि सरकार स्थाई है, ऐसे में उनका विरोध उल्टा भी पड़ सकता है।
उधर, व्यापार सेल के संयोजक ब्रजेश गोयल ने कहा कि व्यापारियों को लेकर सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। वह न तो टैक्स बढ़ाने जा रही और न ही रेड डालने। मुख्यमंत्री का मानना है कि जो टैक्स भ्रष्टाचार के चलते न तो सरकार के पास आता है और न ही ट्रेडर की जेब में, उसे वसूलने पर काम होगा। उन्होंने कहा, 'किसी को बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार व्यापारियों से राय लेकर ही कोई बड़ा फैसला करेगी। मुख्यमंत्री जल्द ही व्यापारियों के साथ बैठक भी करेंगे।'
कई व्यापार संगठनों ने इस आशंका को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जताई है, हालांकि उनका कहना है कि औपचारिक तौर पर अपना विरोध दर्ज कराने से पहले वे दिल्ली सरकार के बजट का इंतजार करेंगे। वहीं, कुछ व्यापारी इसलिए भी आगे नहीं आना चाहते कि सरकार स्थाई है, ऐसे में उनका विरोध उल्टा भी पड़ सकता है।
उधर, व्यापार सेल के संयोजक ब्रजेश गोयल ने कहा कि व्यापारियों को लेकर सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। वह न तो टैक्स बढ़ाने जा रही और न ही रेड डालने। मुख्यमंत्री का मानना है कि जो टैक्स भ्रष्टाचार के चलते न तो सरकार के पास आता है और न ही ट्रेडर की जेब में, उसे वसूलने पर काम होगा। उन्होंने कहा, 'किसी को बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार व्यापारियों से राय लेकर ही कोई बड़ा फैसला करेगी। मुख्यमंत्री जल्द ही व्यापारियों के साथ बैठक भी करेंगे।'
Source: Daily Newspaper and Newspaper
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