भूमि अधिग्रहण के विरोध में चल रहे आंदोलन की आग छत्तीसगढ़ भी पहुंच गई है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम के विरोध में नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का समर्थन किया है।
इसके साथ ही कई सामाजिक संगठनों ने भी इसका समर्थन किया है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के महासचिव जीएस धनंजय ने एक बयान जारी करके कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश के विरोध में नदी घाटी मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा, खेती बचाओ आंदोलन, छग मुक्ति मोर्चा, नई राजधानी प्रभावित किसान संगठन ने अन्ना के आंदोलन का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 66 फीसदी भूभाग पर 32 फीसदी आदिवासी निवास करता है। यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल है। उच्च न्यायालय ने भी मूल निवासियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा की बात कही है।
इसके साथ ही कई सामाजिक संगठनों ने भी इसका समर्थन किया है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के महासचिव जीएस धनंजय ने एक बयान जारी करके कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश के विरोध में नदी घाटी मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा, खेती बचाओ आंदोलन, छग मुक्ति मोर्चा, नई राजधानी प्रभावित किसान संगठन ने अन्ना के आंदोलन का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 66 फीसदी भूभाग पर 32 फीसदी आदिवासी निवास करता है। यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल है। उच्च न्यायालय ने भी मूल निवासियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा की बात कही है।
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