केंद्र सरकार मानवरहित आकाशीय वाहन (यूएवी) या ड्रोन विमानों के नागरिक व व्यवसायिक इस्तेमाल से जुड़े कानूनों के संदर्भ में जल्द ही अधिसूचना जारी कर सकती है। विमानन नियंत्रण संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) इस दिशा में काम कर रही है। यदि ऐसा हो जाता है तो भारत दुनिया के उन पांच देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने यहां ड्रोन्स के नागरिक या व्यावसायिक इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।
स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने ड्रोन्स के नागिरक इस्तेमाल से जुड़े नियम को हरी झंडी दे दी है। जबकि अमेरिका ने बीते माह छोटे ड्रोन्स के व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रस्तावित कानूनों का खुलासा किया है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, डीजीसीए के अधिकारी दुनिया के दूसरे देशों में लागू कानूनों का अध्ययन कर रहे हैं और अगले एक-दो माह में कानून का खाका तैयार कर पेश किया जा सकता है। हालांकि, डीजीसीए की मंजूरी के अलावा रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कुछ दूसरे एजेंसियों से भी मंजूरी जरूरी होगी।
स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने ड्रोन्स के नागिरक इस्तेमाल से जुड़े नियम को हरी झंडी दे दी है। जबकि अमेरिका ने बीते माह छोटे ड्रोन्स के व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रस्तावित कानूनों का खुलासा किया है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, डीजीसीए के अधिकारी दुनिया के दूसरे देशों में लागू कानूनों का अध्ययन कर रहे हैं और अगले एक-दो माह में कानून का खाका तैयार कर पेश किया जा सकता है। हालांकि, डीजीसीए की मंजूरी के अलावा रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कुछ दूसरे एजेंसियों से भी मंजूरी जरूरी होगी।
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